आरंभिक स्थिति
इस अवधि के आरंभ में संस्थान के पास एक सुनिश्चित शोध प्रश्न और एक ऐसा दृष्टिकोण था जिसे साझेदारों ने व्यवहार में लागू किया था। इसे संयुक्त राष्ट्र के साथ विशेष परामर्शदात्री स्थिति प्राप्त थी। इसका कोई सहकर्मी-समीक्षित प्रकाशन नहीं था और कोई अनुदान-आधारित वित्तपोषण नहीं था, और इसका कार्य कुछ लोगों के स्वैच्छिक समय पर निर्भर था। इसलिए पहली प्राथमिकता अपने शोध को सहकर्मी समीक्षा के अंतर्गत प्रकाशित करना थी।
रणनीतिक लक्ष्य और प्रगति
इस ढाँचे के पाँच लक्ष्य हैं। पहले लक्ष्य के अंतर्गत किया गया शोध अन्य चार का आधार प्रदान करता है।
- शांति के अर्थ पर शोध
- संयुक्त राष्ट्र के साथ संलग्नता
- अकादमिक समीक्षा
- शोध क्षमता
- शांति आंदोलन और जनता तक पहुँच
लक्ष्य 1: शांति के अर्थ पर शोध
लक्ष्य है शांति क्या है, इसकी एक सटीक, प्रकाशित व्याख्या।
- पहला सहकर्मी-समीक्षित लेख: “Reframing the Ontology of Peace Studies”, Peace and Conflict Studies, 2023।
- दूसरा सहकर्मी-समीक्षित लेख, जो इस शोध को अंतरराष्ट्रीय विधि पर लागू करता है: “The Sovereignty of Sentience”, Journal on the Use of Force and International Law, 8 अक्टूबर 2026।
- शांति की प्रकाशित परिभाषाओं की एक व्यवस्थित समीक्षा, लिखित कोडिंग नियमों और एक से अधिक समीक्षकों द्वारा कोडिंग के साथ: शांति की 61 परिभाषाओं की समीक्षा (61 Peace Definitions Review)।
लक्ष्य 2: संयुक्त राष्ट्र के साथ संलग्नता
लक्ष्य है शांति क्या है, इस प्रश्न को संयुक्त राष्ट्र के कार्य में लाना।
- संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित कम से कम दो लिखित वक्तव्य। 2025 में तीन वक्तव्य प्रकाशित हुए, जो मानवाधिकार परिषद तथा आर्थिक और सामाजिक परिषद को दिए गए थे।
- संयुक्त राष्ट्र के किसी निकाय के सत्र में संस्थान द्वारा आयोजित कम से कम एक आयोजन: मानवाधिकार परिषद के अट्ठावनवें सत्र में एक साइड इवेंट, 24 मार्च 2025।
लक्ष्य 3: अकादमिक समीक्षा
लक्ष्य है संस्थान के शोध को अकादमिक समुदाय के साथ परखना।
- दूसरों द्वारा आयोजित दो या अधिक अकादमिक आयोजनों में प्रस्तुतियाँ। संस्थान को 2023 में O.P. Jindal Global University में और 2025 में जिनेवा विश्वविद्यालय में प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया। इसने 2025 में Concerned Philosophers for Peace के सम्मेलन में और 2026 में International Studies Association में भी प्रस्तुति दी।
लक्ष्य 4: शोध क्षमता
लक्ष्य है विद्यार्थियों और करियर के आरंभिक चरण के शोधकर्ताओं में शोध क्षमता को सुदृढ़ करना।
- लिखित समझौतों और कोडिंग नियमों के साथ एक दूरस्थ शोध प्रशिक्षण कार्यक्रम, जो 2025 में आरंभ हुआ। तब से 19 शोध प्रशिक्षु इसमें भाग ले चुके हैं।
लक्ष्य 5: शांति आंदोलन और जनता तक पहुँच
लक्ष्य है संस्थान के शोध को शांति आंदोलन और विस्तृत जनसमुदाय से जोड़ना।
- शांति संगठनों के कम से कम एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की सदस्यता: अंतरराष्ट्रीय शांति ब्यूरो (International Peace Bureau) और Alliance for Peacebuilding।
- किसी प्रमुख परिणाम का सरल भाषा में कम से कम एक सारांश: टिप्पणी “कानून शांति के लिए निर्मित हो, इसके लिए क्या आवश्यक होगा?”, अक्टूबर 2026।
रिपोर्टिंग और समीक्षा
बोर्ड प्रत्येक वर्ष सदस्य सभा के वसंत सत्र को प्रगति पर रिपोर्ट देता है।
